जबकि एक साल पहले की अवधि में यह ₹88.10 करोड़ थी। यह आय मुख्य रूप से बैंक ब्याज और लाभार्थियों से प्राप्त विलंब भुगतान अधिभार (late payment surcharges) से होती है। इस आय में लगभग 39% की गिरावट ने कंपनी के शुद्ध लाभ पर सीधा असर डाला। रिन्यूएबल एनर्जी बनी सहारा