Vitamin U: इस सब्जी में छिपा है आपकी हेल्दी गट और चमकती त्वचा का यह ‘गुप्त’ विटामिन
जब भी हम स्वास्थ्य और पोषण की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में विटामिन ए, बी, सी और डी का ख्याल आता है। लेकिन क्या आपने कभी ‘विटामिन-यू’ (Vitamin U) के बारे में सुना है? ज्यादातर लोग इस ‘अदृश्य’ विटामिन से अनजान हैं, लेकिन यह कोई नई दवा या हेल्थ ट्रेंड नहीं है, बल्कि एक ऐसा शक्तिशाली पोषक तत्व है जो आपकी गट हेल्थ (Gut Health) यानी पेट और आंतों के स्वास्थ्य के लिए किसी जादू से कम नहीं है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, जहां हमारा खान-पान और वातावरण शुद्ध नहीं रह गया है, पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे एसिडिटी (Acidity), ब्लोटिंग (पेट फूलना), और अपच (Indigestion) आम हो गई हैं। ‘विटामिन-यू’ इन सभी समस्याओं का एक प्राकृतिक और प्रभावी समाधान हो सकता है।
यह क्या है, यह किन चीजों में पाया जाता है, और यह हमारी गट हेल्थ के लिए कैसे फायदेमंद है? चलिए, हार्मोन और गट हेल्थ कोच, डाइटीशियन मनप्रीत कालरा से इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
क्या है ‘विटामिन-यू’? यह कोई गोली नहीं, एक प्राकृतिक यौगिक है!
‘विटामिन-यू’ असल में कोई पारंपरिक विटामिन नहीं है, बल्कि यह एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला यौगिक (Natural Compound) है, जिसका वैज्ञानिक नाम S-Methylmethionine है। इसे 1950 के दशक में पत्तागोभी के रस के अल्सर-रोधी गुणों का अध्ययन करते समय खोजा गया था, इसीलिए इसे ‘U’ अक्षर (अल्सर से) मिला।
किन चीजों में पाया जाता है विटामिन-यू?
यह मुख्य रूप से क्रूसिफेरस सब्जियों (cruciferous vegetables) में पाया जाता है:
- पत्तागोभी (Cabbage): विटामिन-यू का सबसे समृद्ध स्रोत, खासकर कच्ची पत्तागोभी।
- ब्रोकली (Broccoli)
- केल (Kale)
- फूलगोभी (Cauliflower)
- शलजम (Turnips)
क्यों है ‘विटामिन-यू’ आपकी गट हेल्थ का ‘सीक्रेट वेपन’? जानें 5 बड़े फायदे
1. एसिडिटी और पेट की जलन को करता है शांत:
अगर आप अक्सर एसिडिटी और सीने में जलन से परेशान रहते हैं, तो विटामिन-यू आपके लिए रामबाण है। यह पेट में एसिड के उत्पादन को नियंत्रित करता है और पेट की अंदरूनी परत को आराम पहुंचाता है।
2. पेट के छालों (Micro-Ulcers) को भरता है:
तनाव (Stress), मसालेदार भोजन और जंक फूड खाने से हमारे पेट की नाजुक अंदरूनी दीवार (गट लाइनिंग) पर छोटे-छोटे छाले या घाव बन जाते हैं, जिन्हें माइक्रो-अल्सर्स कहते हैं। विटामिन-यू इन घावों को रिपेयर करने और भरने में अद्भुत रूप से काम करता है।
3. सूजन (Inflammation) को कम करता है:
विटामिन-यू में शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह आंतों में होने वाली सूजन को कम करता है, जिससे इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है।
4. इम्यूनिटी को बनाता है मजबूत:
एक स्वस्थ गट लाइनिंग हमारी इम्यूनिटी का पहला सुरक्षा कवच होती है। विटामिन-यू गट की दीवार को मजबूत बनाकर हानिकारक बैक्टीरिया और विषाक्त पदार्थों को खून में जाने से रोकता है, जिससे हमारी इम्यूनिटी भी मजबूत होती है।
5. पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाता है:
जब हमारी आंत स्वस्थ होती है, तो वह भोजन से पोषक तत्वों (Nutrients) को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाती है। विटामिन-यू पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाकर यह सुनिश्चित करता है कि आपके शरीर को पूरी ताकत और ऊर्जा मिले। इसका असर आपकी त्वचा के स्वास्थ्य और आपके मूड पर भी सकारात्मक रूप से पड़ता है।
कैसे करें विटामिन-यू को अपनी डाइट में शामिल?
- कच्चा खाएं: विटामिन-यू गर्मी के प्रति बहुत संवेदनशील होता है, यानी खाना पकाने से इसकी मात्रा काफी कम हो जाती है। इसलिए, इसका अधिकतम लाभ उठाने के लिए पत्तागोभी और ब्रोकली को कच्चे रूप में, जैसे सलाद में खाना सबसे अच्छा है।
- स्टीम करें: यदि आप कच्चा नहीं खा सकते, तो आप सब्जियों को हल्का स्टीम (Steam) करके भी खा सकते हैं।
- जूस पिएं: पत्तागोभी का ताजा जूस पीना विटामिन-यू प्राप्त करने का एक बेहतरीन तरीका है।
डाइटीशियन मनप्रीत का कहना है कि सिर्फ एंटासिड की गोलियां खाने के बजाय, अपनी डाइट में इन सरल बदलावों को करके आप अपनी गट हेल्थ को प्राकृतिक रूप से सुधार सकते हैं।







