Kidney फेलियर के इन लक्षणों पर रखें नजर, जिसके कारण हमने खो दिया एक अनमोल सितारा
भारतीय सिनेमा और टेलीविजन जगत से एक बेहद दुखद और हृदय विदारक खबर सामने आई है। अपनी लाजवाब कॉमिक टाइमिंग और यादगार किरदारों से दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले, हम सबके प्रिय अभिनेता सतीश शाह (Satish Shah) का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह लंबे समय से किडनी संबंधी समस्याओं (Kidney-Related Ailments) से जूझ रहे थे और किडनी फेलियर (Kidney Failure) ने उनकी जान ले ली।
उनके निधन की खबर से पूरे मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। ‘साराभाई vs साराभाई’ (Sarabhai vs Sarabhai) में उनके निभाए ‘इंद्रवदन साराभाई’ के किरदार ने उन्हें घर-घर में अमर कर दिया था।
दोस्त अशोक पंडित ने की निधन की पुष्टि
जाने-माने फिल्म निर्माता और सतीश शाह के करीबी दोस्त, अशोक पंडित (Ashoke Pandit) ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इस दुखद खबर की पुष्टि की है। उन्होंने लिखा, “यह बताते हुए दुख और स्तब्धता हो रही है कि हमारे प्रिय मित्र और बेहतरीन अभिनेता सतीश शाह का कुछ घंटे पहले किडनी फेल होने के कारण निधन हो गया। उन्हें हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। हमारे उद्योग के लिए यह एक बहुत बड़ी क्षति है। ओम शांति।“
सतीश शाह का जाना भारतीय फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत प्रशंसकों के लिए यह एक बहुत बड़ा दुख का क्षण है।
क्या है किडनी फेलियर? जिसके कारण गई सतीश शाह की जान
किडनी फेलियर या रीनल फेलियर (Renal Failure) एक गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्या है जिसमें हमारी किडनियां अपना सबसे महत्वपूर्ण काम करना बंद कर देती हैं।
- किडनी का काम: किडनी हमारे खून से गंदगी, जहरीले पदार्थों (Toxins) और अतिरिक्त पानी को फिल्टर करके पेशाब के रास्ते बाहर निकालने का काम करती है। यह शरीर में नमक और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखती है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी मदद करती है।
- फेल होने पर क्या होता है? जब किडनी फेल हो जाती है, तो ये जहरीले पदार्थ शरीर में ही जमा होने लगते हैं, जो धीरे-धीरे शरीर के हर अंग को नुकसान पहुंचाते हैं और अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।
क्यों होती है किडनी फेल?
किडनी फेल होने के कई कारण हो सकते हैं:
- डायबिटीज: लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहने से किडनी की बारीक नसें खराब हो जाती हैं।
- हाई ब्लड प्रेशर: हाई बीपी भी किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालता है और उसकी फिल्टर करने की क्षमता को कम कर देता है।
- अन्य कारण: किडनी में संक्रमण, स्टोन (पथरी), और कुछ दवाओं का अत्यधिक सेवन भी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।
सावधान! 50 के बाद यूरिन में दिखने वाले ये 2 लक्षण हो सकते हैं Kidney Failure का संकेत
किडनी फेलियर की समस्या अक्सर धीरे-धीरे विकसित होती है और इसके शुरुआती लक्षण इतने हल्के होते हैं कि लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर 50 की उम्र के बाद।
1. पेशाब की मात्रा में बदलाव (Changes in Urination):
- पेशाब का कम आना: यदि आपको महसूस हो कि आप पहले से बहुत कम पेशाब कर रहे हैं, तो यह एक बड़ा चेतावनी संकेत हो सकता है।
- रात में बार-बार पेशाब आना: यह भी किडनी की खराबी का एक लक्षण हो सकता है।
2. पेशाब के रंग या रूप में बदलाव (Changes in Urine Appearance):
- झागदार या बुलबुले वाला पेशाब: यदि आपके यूरिन में झाग बन रहा है, तो यह संकेत हो सकता है कि पेशाब के माध्यम से प्रोटीन लीक हो रहा है, जो किडनी की बीमारी का एक स्पष्ट लक्षण है।
- गहरे रंग का या खूनी पेशाब: पेशाब का रंग सामान्य से बहुत ज्यादा गहरा, चाय जैसा, या उसमें खून आना एक गंभीर संकेत है, जिसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
अन्य लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें:
- हाथ, पैर, टखनों और चेहरे पर सूजन।
- अत्यधिक थकान और कमजोरी।
- भूख न लगना, मतली या उल्टी।
- त्वचा में बहुत ज्यादा खुजली होना।
किडनी फेलियर से कैसे करें बचाव?
- ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को हमेशा कंट्रोल में रखें।
- रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- बिना डॉक्टरी सलाह के दर्द निवारक दवाओं का सेवन न करें।
- संतुलित आहार लें और नियमित रूप से व्यायाम करें।
- अगर आपको डायबिटीज या हाई बीपी है, तो साल में कम से कम एक बार अपनी किडनी की जांच जरूर कराएं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से डॉक्टरी सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।







