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वोटर लिस्ट से बिहार में 65 लाख वोटरों के नाम गायब, 1 सितंबर तक है नाम जुड़वाने का मौका, जानिए कैसे

Published On: August 2, 2025
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वोटर लिस्ट से बिहार में 65 लाख वोटरों के नाम गायब, 1 सितंबर तक है नाम जुड़वाने का मौका, जानिए कैसे
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बिहार मतदाता सूची पर घमासान: 65 लाख से ज़्यादा वोटरों के नाम कटे, 1 सितंबर तक नाम जुड़वाने का मौका, जानिए पूरी प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज

पटना, बिहार: बिहार में चुनावी माहौल गरमाने लगा है, क्योंकि चुनाव आयोग (Election Commission – EC) द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के बाद जारी की गई मसौदा मतदाता सूची (draft voter list) ने लाखों मतदाताओं के नामों को हटा दिया है। आयोग के अनुसार, 65.64 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में योग्य मतदाताओं की संख्या पहले के 7.89 करोड़ से घटकर 7.24 करोड़ रह गई है।

इस बड़ी संख्या में नाम हटने के बाद, मतदाताओं के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, जैसे:

  • क्या मेरा नाम वोटर लिस्ट में शामिल है?
  • यदि मेरा नाम हटा दिया गया है, तो मुझे क्या करना चाहिए?
  • मैं अपना नाम कैसे और कब तक जुड़वा सकता हूँ?
  • नाम जुड़वाने या किसी सुधार के लिए कौन-कौन से दस्तावेजों की आवश्यकता होगी?

यह लेख आपके सभी सवालों का जवाब देने और भ्रम को दूर करने के लिए तैयार किया गया है।

कब और कैसे जुड़वाएं अपना नाम? – समय-सीमा और आवेदन प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने मतदाताओं को एक बार फिर अपनी पहचान सुनिश्चित करने और नाम जुड़वाने या सूची में किसी भी प्रकार के सुधार के लिए 1 अगस्त से 1 सितंबर, 2025 तक का समय दिया है। यदि आपका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है या आप सूची में अपना नाम शामिल करवाना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होगा:

  • फॉर्म 6 (Form 6): नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरना होगा।
  • फॉर्म 8 (Form 8): यदि आपके नाम, पते, या किसी अन्य विवरण में कोई सुधार करना है, या यदि आपका नाम सूची से हटा दिया गया है और आप उसे फिर से जुड़वाना चाहते हैं, तो आपको फॉर्म 8 का उपयोग करना होगा।

ये फॉर्म आप चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं या निर्वाचन कार्यालय (Electoral Office) से प्राप्त कर सकते हैं।

नाम जुड़वाने और सुधार के लिए आवश्यक दस्तावेज:
फॉर्म भरते समय, आपको कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, जैसे:

  • पहचान का प्रमाण (Proof of Identity): आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड (यदि आपके पास पुराना हो), पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आदि।
  • आयु का प्रमाण (Proof of Age): जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र (TC), या आयु का उल्लेख करने वाले किसी अन्य सरकारी दस्तावेज।
  • निवास का प्रमाण (Proof of Residence): पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, बिजली बिल, पानी बिल, या राशन कार्ड।
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो: हालिया रंगीन पासपोर्ट साइज़ फोटो।

SIR प्रक्रिया के चरण और मतदाताओं की भागीदारी:
विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान के दौरान, मतदाताओं ने विभिन्न माध्यमों से अपनी जानकारी प्रस्तुत की:

  • नामांकन फॉर्म (Enumeration Forms): मतदाताओं को बूथ-स्तरीय अधिकारियों (Booth Level Officers – BLOs) या बूथ-स्तरीय एजेंटों (Booth Level Agents – BLAs) के माध्यम से ये फॉर्म प्राप्त हुए।
  • फॉर्म जमा करना: मतदाताओं को फॉर्म भरकर, हस्ताक्षर करके, और पहचान दस्तावेज संलग्न करके जमा करना था।
  • ऑनलाइन विकल्प: फॉर्म को ऑनलाइन डाउनलोड और जमा करने का विकल्प भी उपलब्ध था।
  • प्रस्तुत किए गए फॉर्म: चुनाव आयोग के अनुसार, लगभग 7.23 करोड़ मतदाताओं ने अपने नामांकन फॉर्म जमा किए।

हटाए गए नामों के मुख्य कारण:
चुनाव आयोग ने बताया कि विभिन्न कारणों से लगभग 65.64 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • स्थायी प्रवास (Permanent Migration): लगभग 35 लाख लोग या तो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले गए हैं या उन्हें खोजा नहीं जा सका।
  • मृत्यु (Deceased Voters): 22 लाख मतदाताओं की मृत्यु की सूचना मिली है।
  • दोहरा पंजीकरण (Multiple Registrations): 7 लाख मतदाता एक से अधिक चुनावी रोल में पंजीकृत थे।
  • नामांकन फॉर्म जमा न करना: 1.2 लाख मतदाताओं ने नामांकन फॉर्म जमा नहीं किए।

आगे क्या? दावों और आपत्तियों का दौर:
मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही “दावों और आपत्तियों” (claims and objections) की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, जो 1 सितंबर तक जारी रहेगी। इस अवधि के दौरान, यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया है या सूची में कोई विसंगति है, तो वे संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।

यह सुनिश्चित करना हम सभी की ज़िम्मेदारी है कि हमारी मतदाता सूची सटीक और अद्यतन हो, ताकि प्रत्येक योग्य नागरिक अपने मत का प्रयोग कर सके।

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