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Surya Grahan: 21 सितंबर को समय भूलकर भी न करें ये 4 काम, वरना भुगतने पड़ेंगे बुरे परिणाम

Published On: September 20, 2025
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Surya Grahan: 21 सितंबर को समय भूलकर भी न करें ये 4 काम, वरना भुगतने पड़ेंगे बुरे परिणाम
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Surya Grahan: साल 2025 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2025) अब बस कुछ ही दिन दूर है। 21 सितंबर को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिसके कारण इसका सूतक काल यहां मान्य नहीं होगा, फिर भी हिंदू धर्म में ग्रहण काल को एक संवेदनशील समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है, जिससे बचने के लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक है।

आइए, विस्तार से जानते हैं कि 21 सितंबर को लगने वाले इस सूर्य ग्रहण के दौरान हमें क्या करना चाहिए और किन कार्यों को करने से बचना चाहिए, ताकि इसके अशुभ प्रभावों से हमारी रक्षा हो सके।

21 सितंबर को लगेगा साल का अंतिम सूर्य ग्रहण, जानें सही समय

साल का यह आखिरी सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार (IST) 21 सितंबर की रात को लगेगा।

  • ग्रहण प्रारंभ: रात 11:00 बजे
  • ग्रहण समाप्त: देर रात 03:23 बजे

चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में अदृश्य रहेगा, इसलिए इसका सूतक काल (Sutak Kaal) यहां मान्य नहीं होगा। इसका अर्थ है कि सामान्य पूजा-पाठ और दैनिक कार्यों पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। लेकिन, ग्रहण काल के दौरान कुछ सावधानियां बरतने की सलाह हमेशा दी जाती है।


सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें? (Do’s During Surya Grahan)

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय कुछ कार्यों को करना अत्यंत शुभ और लाभकारी माना जाता है। ये कार्य हमें ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा से बचाने में एक कवच की तरह काम करते हैं।

  1. मंत्र जाप और ध्यान (Mantra Chanting and Meditation):
    सूर्य ग्रहण के दौरान मंत्रों का जाप करना सबसे शक्तिशाली उपाय माना गया है। आप अपने इष्ट देव के मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र या सूर्य मंत्र (“ॐ घृणि सूर्याय नमः”) का जाप कर सकते हैं। यह न केवल आपको नकारात्मक ऊर्जा से बचाता है, बल्कि इससे मंत्र सिद्धि भी होती है। इस समय किया गया ध्यान सामान्य से कई गुना अधिक फलदायी होता है।
  2. स्नान (Bathing):
    शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण शुरू होने से पहले और ग्रहण समाप्त होने के बाद, दोनों समय स्नान करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से ग्रहण के दौरान फैली अशुद्धियों और नकारात्मकता का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
  3. खाने-पीने की चीजों में तुलसी डालें:
    मान्यता है कि ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार इतना बढ़ जाता है कि वह भोजन और पानी जैसी चीजों को भी दूषित कर सकता है। इस बुरे प्रभाव से बचाव के लिए, ग्रहण शुरू होने से पहले ही अपने घर में रखे पके हुए भोजन, पानी, दूध, दही आदि में तुलसी के पत्ते (Tulsi Leaves) डाल दें। तुलसी में मौजूद औषधीय और दैवीय गुण इन वस्तुओं को दूषित होने से बचाते हैं।
  4. दान-पुण्य (Charity):
    ग्रहण समाप्त होने के बाद अपनी क्षमता के अनुसार दान-पुण्य करना बेहद शुभ माना जाता है। आप किसी जरूरतमंद को अनाज, वस्त्र या धन का दान कर सकते हैं। ऐसा करने से ग्रहण के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।
  5. घर के अंदर रहें:
    विशेषकर ग्रहण के चरम काल में, घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। मान्यता है कि इस समय ब्रह्मांडीय किरणें हानिकारक हो सकती हैं।

सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें? (Don’ts During Surya Grahan)

ग्रहण काल के दौरान कुछ कार्यों को करने की सख्त मनाही है। इन नियमों का पालन न करने से जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

  1. नग्न आंखों से ग्रहण न देखें:
    सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से सीधे नहीं देखना चाहिए। ऐसा करने से सूर्य की हानिकारक किरणें आपकी आंखों को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकती हैं और आप अंधे भी हो सकते हैं। इसे देखने के लिए हमेशा विशेष सोलर फिल्टर वाले चश्मे (Solar Eclipse Glasses) या टेलीस्कोप का ही उपयोग करें।
  2. भोजन बनाना और खाना:
    ग्रहण काल के दौरान भोजन पकाना और खाना, दोनों ही वर्जित माने गए हैं। माना जाता है कि इस समय पकाया गया भोजन दूषित और तामसिक हो जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
  3. पूजा-पाठ और मूर्ति स्पर्श:
    हालांकि ग्रहण के समय मंत्र जाप और ध्यान करना शुभ है, लेकिन इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहण काल में देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श नहीं करना चाहिए और न ही नियमित पूजा-पाठ करना चाहिए।
  4. कोई भी शुभ कार्य न करें:
    ग्रहण काल को एक अशुभ मुहूर्त माना जाता है, इसलिए इस दौरान किसी भी नए या मांगलिक कार्य जैसे- विवाह, गृह प्रवेश, या नई खरीदारी की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।
  5. गर्भवती महिलाएं बरतें विशेष सावधानी:
    गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) को ग्रहण के दौरान विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
    • उन्हें घर से बाहर बिल्कुल नहीं निकलना चाहिए।
    • इस दौरान सोने और भोजन करने से भी बचना चाहिए।
    • चाकू, कैंची, सुई जैसी किसी भी नुकीली वस्तु का प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि मान्यता है कि इससे गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा असर पड़ सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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