नई दिल्ली: विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शनिवार को दिल्ली में आयोजित ‘एनुअल लीगल कॉन्क्लेव 2025’ (Annual Legal Conclave 2025) में देश की चुनावी प्रक्रिया पर एक तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा (BJP) नेतृत्व वाली सरकार और चुनावी प्रणाली की आलोचना करते हुए दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव “धांधली” (rigged) वाले थे और भारत की चुनावी व्यवस्था पूरी तरह से “मृत” (dead) हो चुकी है।
“चुनावों में हुई धांधली, सबूतों से करेंगे साबित”:
राहुल गांधी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हम आने वाले कुछ दिनों में आपको साबित करने जा रहे हैं कि लोकसभा चुनाव कैसे फिक्स किया जा सकता था और किया गया।” उन्होंने दावा किया कि “भारत की चुनाव प्रणाली ध्वस्त हो चुकी है।” उन्होंने आगे कहा, “सच तो यह है कि भारत में चुनाव प्रणाली पहले ही मर चुकी है। भारत के प्रधानमंत्री बहुत मामूली बहुमत से प्रधानमंत्री बने हैं। अगर 15 सीटें फिक्स की जातीं, तो वह भारत के प्रधानमंत्री नहीं होते।”
चुनाव आयोग पर “वोट चोरी” का आरोप, “परमाणु बम” जैसे सबूत का दावा:
यह बयान राहुल गांधी के चुनाव आयोग (Election Commission of India – ECI) की आलोचना के एक दिन बाद आया है, जब उन्होंने poll body पर “वोट चोरी” (vote theft) में शामिल होने और भाजपा को लाभ पहुँचाने का आरोप लगाया था।
गांधी ने दावा किया कि उनकी पार्टी के पास कथित चुनावी कदाचार (electoral malpractice) के “ठोस और अचूक सबूत” (open-and-shut proof) हैं, जिसकी तुलना उन्होंने एक “परमाणु बम” (atom bomb) से की है, जो उजागर होने पर EC की संलिप्तता का पर्दाफाश कर देगा।
बिहार विशेष गहन संशोधन (Bihar Special Intensive Revision – SIR) अभ्यास के बारे में बात करते हुए, कांग्रेस सांसद ने कहा, “वोट चुराए जा रहे हैं। हमारे पास यह साबित करने के लिए ठोस सबूत हैं कि चुनाव आयोग इस वोट चोरी में शामिल है। और मैं यह हल्के में नहीं कह रहा, मैं 100% सबूत के साथ बोल रहा हूँ। और जब हम इसे (सबूत) जारी करेंगे, तो पूरा देश जान जाएगा कि चुनाव आयोग वोट चोरी को सक्षम कर रहा है। और वे यह किसके लिए कर रहे हैं? वे यह भाजपा के लिए कर रहे हैं।”
“EC के शीर्ष से तल तक, किसी को बख्शा नहीं जाएगा”:
राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि कांग्रेस की जांच के निष्कर्ष “परमाणु बम” से कम नहीं हैं, जिसके गंभीर निहितार्थ EC की नींव को हिला सकते हैं। उन्होंने कहा, “हमें मतदाता चोरी का शक था, और हमने इसकी गहराई में जाकर जांच की। चूंकि चुनाव आयोग जांच में मददगार नहीं था, हमने अपनी जांच की। इसमें छह महीने लगे, और जो चीजें हमें मिली हैं वे एक ‘परमाणु बम’ हैं, और जब यह परमाणु बम फटेगा, तो आपको देश में चुनाव आयोग दिखाई नहीं देगा।”
गांधी ने चेतावनी दी कि निष्कर्ष विस्फोटक हैं और EC के लिए गंभीर निहितार्थ होंगे, और कथित कदाचार में शामिल EC अधिकारियों को चेतावनी दी कि भले ही वे सेवानिवृत्त (retired) हो जाएं, उन्हें परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने उनके कार्यों को “देशद्रोह से कम नहीं” बताया।
उन्होंने कहा, “सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चुनाव आयोग में जो कोई भी इस अभ्यास में शामिल है, शीर्ष से लेकर तल तक, हम आपको नहीं बख्शेंगे। आप भारत के खिलाफ काम कर रहे हैं और यह देशद्रोह से कम नहीं है। आप जहां कहीं भी हों, भले ही आप सेवानिवृत्त हो गए हों, हम आपको ढूंढ निकालेंगे।”
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया: “बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना आरोप”
राहुल गांधी के इन दावों के जवाब में, चुनाव आयोग (ECI) ने इन आरोपों को “बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना” (baseless and irresponsible) करार देते हुए खारिज कर दिया है।
EC ने कहा कि उसके अधिकारियों को दैनिक धमकियों या झूठे बयानों से अप्रभावित होकर निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से काम करना जारी रखना चाहिए।
EC ने कहा कि गांधी ने 12 जून को भेजे गए आधिकारिक संदेशों को नजरअंदाज किया और उचित माध्यमों से कभी कोई चिंता व्यक्त नहीं की।







