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Panjab University Protest: जानें क्यों सुलग रहा है पंजाब विश्वविद्यालय, क्या है सीनेट का पूरा विवाद

Published On: November 10, 2025
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Panjab University Protest: जानें क्यों सुलग रहा है पंजाब विश्वविद्यालय, क्या है सीनेट का पूरा विवाद
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Panjab University Protest: सीनेट चुनाव की मांग पर ‘जंग का मैदान’ बना पंजाब यूनिवर्सिटी, पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हिंसक झड़प

चंडीगढ़ स्थित प्रतिष्ठित पंजाब यूनिवर्सिटी (Panjab University – PU) का कैंपस सोमवार को एक युद्ध क्षेत्र में तब्दील हो गया, जब विश्वविद्यालय की सीनेट (Senate) के चुनावों की तारीखों की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि चंडीगढ़ पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कई छात्रों के घायल होने की खबर है।

इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों के साथ-साथ सिख संगठनों और किसान यूनियनों के कार्यकर्ता भी शामिल थे, जो विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर केंद्र सरकार के कथित हमले का विरोध कर रहे हैं।

क्यों सुलग रहा है पंजाब यूनिवर्सिटी? क्या है पूरा विवाद?

इस पूरे विवाद की जड़ है विश्वविद्यालय के शीर्ष निर्णय लेने वाले निकायों – सीनेट (Senate) और सिंडिकेट (Syndicate) – की संरचना में बदलाव का केंद्र सरकार का प्रयास।

  1. केंद्र का नोटिफिकेशन: 28 अक्टूबर को, केंद्र सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर पंजाब यूनिवर्सिटी एक्ट, 1947 में संशोधन किया था। इसके तहत, 91 सदस्यों वाली सीनेट की संख्या घटाकर 31 कर दी गई थी और सिंडिकेट के लिए होने वाले चुनावों को भी खत्म कर दिया गया था। अब ये सभी निकाय नामांकित (nominated) होने थे, न कि निर्वाचित।
  2. स्वायत्तता पर हमला: प्रदर्शनकारियों, विशेषकर पंजाब के लोगों ने, केंद्र के इस कदम को विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक स्वायत्तता और देश के संघीय ढांचे पर एक सीधा हमला माना।
  3. सरकार का यू-टर्न: भारी विरोध और राजनीतिक दबाव के बाद, 7 नवंबर को शिक्षा मंत्रालय ने अपने 28 अक्टूबर के नोटिफिकेशन को रद्द (rescind) कर दिया और पुरानी व्यवस्था को बहाल कर दिया।
  4. लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई!
    केंद्र सरकार के पीछे हटने के बावजूद, ‘पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले आंदोलन कर रहे समूह शांत नहीं हुए। उनका कहना है कि सिर्फ नोटिफिकेशन वापस लेना काफी नहीं है, जब तक कि सीनेट चुनावों की तारीखों का ऐलान नहीं हो जाता, उनका विरोध जारी रहेगा।

10 नवंबर का ‘बंद’ बना टकराव का केंद्र

इसी कड़ी में, प्रदर्शनकारियों ने 10 नवंबर को यूनिवर्सिटी बंद का आह्वान किया था।

  • पुलिस ने रोकी एंट्री: सोमवार सुबह, जब प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी के गेट पर इकट्ठा हुए, तो भारी पुलिस बल ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
  • बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश: जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स हटाने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया।
  • कैंपस में घुसे प्रदर्शनकारी: हालांकि, प्रदर्शनकारियों की भारी संख्या के सामने पुलिस बेबस नजर आई और वे बड़ी संख्या में कैंपस के अंदर घुसने में कामयाब हो गए।

राजनीतिक दलों का भी मिला समर्थन

इस मुद्दे पर पंजाब की लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने छात्रों का समर्थन किया है।

  • मुख्यमंत्री भगवंत मान (AAP) ने इसे पंजाब के प्रमुख सार्वजनिक विश्वविद्यालय पर कब्जा करने की बीजेपी की चाल बताया।
  • कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा और अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल समेत कई नेताओं ने भी केंद्र के इस कदम की आलोचना की है और छात्रों के विरोध का समर्थन किया है।

कब होंगे सीनेट के चुनाव?

पिछली सीनेट का कार्यकाल 31 अक्टूबर, 2024 को ही समाप्त हो चुका है। तब से, विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा चुनाव कार्यक्रम का एक मसौदा चार बार चांसलर (भारत के उपराष्ट्रपति) के कार्यालय को भेजा जा चुका है, लेकिन वहां से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यही देरी इस पूरे विवाद और विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह है।

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