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‘ऑपरेशन सिंदूर’: पीएम मोदी ने लोकसभा में खोला राज, भारत का पलटवार, पाकिस्तान को भारी पड़ी चाल

Published On: July 30, 2025
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'ऑपरेशन सिंदूर': पीएम मोदी ने लोकसभा में खोला राज, भारत का पलटवार, पाकिस्तान को भारी पड़ी चाल
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संसद के मानसून सत्र के दौरान, मंगलवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। इस मुद्दे पर विपक्ष, खासकर कांग्रेस, द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने न केवल विपक्ष के दावों को सिरे से खारिज किया, बल्कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं, जिसने भारत की दृढ़ राष्ट्रीय सुरक्षा नीति और पाक-विरोधी दृढ़ता को रेखांकित किया।

विपक्ष के दावों का खंडन: “किसी भी देश के नेता ने नहीं रोका”
प्रधानमंत्री मोदी ने सदन में स्पष्ट करते हुए कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान दुनिया के किसी भी देश के नेता ने भारत से इस कार्रवाई को रोकने का अनुरोध नहीं किया था। उन्होंने विपक्ष के उन तर्कों को गलत बताया, जो शायद इस कार्रवाई को ‘उग्र’ या अनावश्यक बता रहे थे। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा, “हमने पहले दिन से ही कहा था कि हमारी कार्रवाई कोई उग्र कार्रवाई नहीं थी। दुनिया के किसी भी नेता ने हमसे ऑपरेशन सिंदूर रोकने के लिए नहीं कहा था।” यह बयान भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और अपनी सुरक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई करने की क्षमता को दर्शाता है, जो किसी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकती।

9 मई की रात का सीक्रेट: अमेरिकी उपराष्ट्रपति का कॉल और पाकिस्तान का खतरनाक इरादा
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पृष्ठभूमि बताते हुए एक महत्वपूर्ण खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 9 मई की रात को, अमेरिका के उपराष्ट्रपति (जिनका नाम जे.डी. वेंस बताया गया है) ने उनसे संपर्क करने का प्रयास किया। उपराष्ट्रपति लगभग एक घंटे तक कोशिश करते रहे, लेकिन उस समय पीएम मोदी भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त थे।
बैठक समाप्त होने के बाद, जब पीएम मोदी ने कॉल बैक किया, तो अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने एक गंभीर खुफिया जानकारी साझा की: पाकिस्तान भारत पर एक बहुत बड़े हमले की योजना बना रहा था। इस सूचना पर पीएम मोदी का जवाब अत्यंत दृढ़ था, उन्होंने कहा, “अगर पाकिस्तान का यही इरादा है, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” यह भारत की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का माकूल जवाब देने की अडिग प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भारत के तीन निर्णायक फैसले: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नया दृष्टांत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत के तीन महत्वपूर्ण रणनीतिक निर्णयों पर मुहर लगाई है, जो भविष्य की किसी भी कार्रवाई के लिए मानक बनेंगे:

  1. भारत का अपना जवाब, अपनी शर्तें: यदि भारत पर कोई भी आतंकवादी हमला होता है, तो भारत अब अपने तरीके से, अपनी शर्तों पर और अपने समय पर जवाब देगा। इसका अर्थ है कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने में संप्रभु और स्वतंत्र है।
  2. परमाणु ब्लैकमेल अब काम नहीं करेगा: पाकिस्तान की परमाणु हथियारों की धमकी को भारत अब अप्रभावी मानता है। प्रधानमंत्री ने कहा, “अब कोई परमाणु ब्लैकमेल काम नहीं करेगा।” भारत न तो ऐसी धमकियों से डरेगा और न ही उनके आगे झुकेगा।
  3. आतंकवाद समर्थक सरकारों की जवाबदेही: भारत अब आतंकवाद का समर्थन करने वाली सरकारों और आतंकवाद के मास्टरमाइंड को अलग-अलग नहीं देखेगा। इसका सीधा मतलब है कि जो देश आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, वे भी सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराए जाएंगे।

पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान: ‘एयरबेस ICU में’
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया कि भारत ने न केवल पाकिस्तान की परमाणु धमकी को गलत साबित किया, बल्कि अपनी तकनीकी क्षमता का भी लोहा मनवाया। भारत की कार्रवाई ‘सटीक वार’ (precise strike) के रूप में की गई, जिसने पाकिस्तान के एयरबेस और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचाया। उन्होंने एक प्रभावशाली उपमा का प्रयोग करते हुए कहा कि पाकिस्तान के कई एयरबेस आज भी ‘ICU में हैं’, यानी उनकी संचालन क्षमता गंभीर रूप से बाधित है।
पीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। बहावलपुर, मुरीदके जैसे संवेदनशील ठिकानों को भी जमींदोज कर दिया गया, जहां तक ​​पहुंचने की कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था।

‘आत्मनिर्भर भारत’ की शक्ति का प्रदर्शन: ड्रोन और मिसाइलों का दम
इस पूरी कार्रवाई में ‘आत्मनिर्भर भारत’ (Atmanirbhar Bharat) की ताकत का विशेष रूप से प्रदर्शन हुआ। पीएम मोदी ने कहा, “अगर हमने पिछले 10 सालों में की गई तैयारियों को पूरा नहीं किया होता, तो हम कल्पना कर सकते हैं कि तकनीक के इस युग में हमें कितना नुकसान हो सकता था।” ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से, भारत ने पहली बार दुनिया को दिखाया कि वह अपनी स्वदेशी तकनीक, ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग करके कैसे निर्णायक सैन्य अभियान चला सकता है। इसने पाकिस्तान की हथियार प्रणाली की कमियों और प्रभावशीलता की भी पोल खोल दी। यह आधुनिक ‘तकनीक आधारित युद्ध’ (tech-based warfare) का युग है, और भारत इस मामले में किसी से पीछे नहीं है।

प्रधानमंत्री के इन बयानों ने न केवल विपक्ष को जवाब दिया, बल्कि देश को आश्वस्त किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति भारत सरकार पूरी तरह गंभीर और निर्णायक है।

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