Gold price today: निवेशकों में हड़कंप! सोने-चांदी में भारी गिरावट जारी, क्या है मुनाफावसूली और ट्रेड वॉर का कनेक्शन
सोना-चांदी में महा-गिरावट: सोना ₹9000, चांदी ₹23000 हुई सस्ती! क्या अभी और गिरेंगे दाम?
त्योहारी सीजन के ठीक बाद, सोना और चांदी (Gold and Silver) की कीमतों में एक ऐसी सुनामी जैसी गिरावट देखने को मिली है, जिसने निवेशकों से लेकर आम खरीदारों तक, सभी को हैरान कर दिया है। चाहे वह कमोडिटी मार्केट (Commodity Market) हो या स्थानीय सर्राफा बाजार, हर जगह सोने और चांदी के भाव लगातार टूट रहे हैं। जो सोना कुछ ही दिन पहले अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, वह अब ₹9,000 प्रति 10 ग्राम से भी ज्यादा सस्ता हो चुका है, जबकि चांदी की कीमतों में तो लगभग ₹23,000 प्रति किलो की भारी गिरावट आई है।
इस रिकॉर्ड तोड़ गिरावट ने हर किसी के मन में एक ही सवाल खड़ा कर दिया है – क्या सोना-चांदी खरीदने का यह सही समय है, या कीमतों में अभी और गिरावट आएगी?
कितना सस्ता हुआ सोना और चांदी? देखें आंकड़ों का खेल
- सर्राफा बाजार: शुक्रवार को ही, 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹2,000 टूटकर ₹1,21,518 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी का भाव ₹4,000 से ज्यादा गिरकर ₹1.47 लाख प्रति किलो पर पहुंच गया।
- रिकॉर्ड हाई से गिरावट: MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) के अनुसार, 17 अक्टूबर को सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड हाई पर थे। उस दिन सोना ₹1.32 लाख प्रति 10 ग्राम को पार कर गया था, जबकि चांदी ₹1.70 लाख प्रति किलो के स्तर पर थी।
- वर्तमान भाव: अब MCX पर 10 ग्राम सोने का भाव ₹1,23,255 के आसपास है, और 1 किलो चांदी की कीमत ₹1,47,150 पर आ गई है।
क्यों आई सोने-चांदी की कीमतों में यह रिकॉर्ड तोड़ गिरावट?
इस बड़ी गिरावट के पीछे कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कारण हैं।
- मुनाफावसूली (Profit Booking): एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण है मुनाफावसूली। जब सोने-चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं, तो बड़े निवेशकों ने भारी मुनाफा कमाने के लिए अपनी होल्डिंग्स बेचनी शुरू कर दी। इस बड़ी बिकवाली के कारण बाजार में सोने-चांदी की सप्लाई बढ़ी और कीमतें तेजी से नीचे आ गईं।
- ट्रेड वॉर का तनाव कम होना: अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वॉर का तनाव हाल के दिनों में कम हुआ है। जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक तनाव कम होता है, तो निवेशक सोने जैसे सुरक्षित निवेश (Safe Haven) से पैसा निकालकर शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों में लगाते हैं, जिससे सोने की मांग घटती है।
- त्योहारी मांग में कमी: भारत में धनतेरस और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के बीत जाने के बाद सोने-चांदी की भौतिक मांग (Physical Demand) में स्वाभाविक रूप से कमी आई है, जिसका असर भी कीमतों पर पड़ा है।
क्या आगे भी गिरेंगे दाम? क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
अब सबसे बड़ा सवाल – क्या सोना और चांदी आगे भी ऐसे ही गिरते रहेंगे?
- मोतीलाल ओसवाल के कमोडिटी रिसर्चर, नवनीत दमानी के अनुसार, कीमतों में अभी 5 से 6 फीसदी तक की और गिरावट आ सकती है। इसका मतलब है कि सोने की कीमत में अभी भी ₹6,000 से ₹7,000 प्रति 10 ग्राम की और गिरावट संभव है।
- निवेशकों के लिए सलाह: एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो लोग शॉर्ट-टर्म के लिए निवेश करना चाहते हैं, उन्हें अभी कुछ हफ्तों का इंतजार करना चाहिए।
हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि यदि आप एक खुदरा निवेशक हैं और लॉन्ग-टर्म (लंबी अवधि) के नजरिए से सोना या चांदी खरीद रहे हैं, तो आप कभी भी निवेश कर सकते हैं। सोना और चांदी को हमेशा एक सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है जो भविष्य में या किसी आर्थिक संकट के समय काम आता है। गिरावट का यह दौर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक सुनहरा अवसर हो सकता है।







