Faridabad: आतंक की बड़ी साजिश नाकाम! श्रीनगर के पोस्टर से फरीदाबाद तक, 2 डॉक्टर समेत 7 गिरफ्तार, 2900 Kg IED सामग्री बरामद
जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu and Kashmir Police) ने एक बड़े और सफल आतंकवाद-विरोधी अभियान (Counter-Terrorism Operation) में, पाकिस्तान से संचालित हो रहे एक अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी मॉड्यूल (Transnational Terrorist Module) का भंडाफोड़ किया है। प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammad – JeM) और अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े इस नेटवर्क के 7 प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कश्मीर के दो डॉक्टर भी शामिल हैं।
इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कामयाबी हरियाणा के फरीदाबाद (Faridabad) से 29 क्विंटल (2900 किलोग्राम) IED बनाने वाली सामग्री की भारी बरामदगी है।
कैसे शुरू हुआ यह ऑपरेशन, एक पोस्टर ने खोला राज
इस पूरे सनसनीखेज ऑपरेशन की शुरुआत 19 अक्टूबर को श्रीनगर के बाहरी इलाके नौगाम के बनपोरा में लगे कुछ पोस्टरों से हुई।
- शुरुआती सुराग: J&K पुलिस को नौगाम में कई जगहों पर जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगे मिले।
- FIR और जांच: पुलिस ने तुरंत UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम) और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की और जांच शुरू कर दी।
‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी इकोसिस्टम का खुलासा
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, जांच ने एक ‘व्हाइट कॉलर’ यानी ‘सफेदपोश’ आतंकी इकोसिस्टम का खुलासा किया।
- कौन थे शामिल? इसमें कट्टरपंथी विचारधारा वाले पेशेवर (Professionals) और छात्र शामिल थे, जो पाकिस्तान और अन्य देशों में बैठे अपने विदेशी आकाओं (Foreign Handlers) के संपर्क में थे।
- कैसे करते थे काम? यह समूह भर्ती, समन्वय, धन के लेन-देन और लॉजिस्टिक्स के लिए एन्क्रिप्टेड चैनलों (encrypted channels) का उपयोग कर रहा था। सामाजिक और धर्मार्थ कार्यों की आड़ में पेशेवर और शैक्षणिक नेटवर्क के माध्यम से धन जुटाया जा रहा था।
कौन हैं 7 गिरफ्तार आरोपी? डॉक्टर से लेकर इमाम तक शामिल!
अब तक की जांच के दौरान, 7 प्रमुख गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- आरिफ निसार डार (साहिल) – नौगाम
- यासिर-उल-अशरफ – नौगाम
- मकसूद अहमद डार (शाहिद) – नौगाम
- मौलवी इरफान अहमद – शोपियां की एक मस्जिद का इमाम
- जमीर अहमद अहंगर (मुतलाशा) – गांदरबल
- डॉ. मुजम्मिल अहमद गनी (मुसैब) – पुलवामा (अल फलाहा यूनिवर्सिटी में शिक्षक और डॉक्टर)
- डॉ. आदिल राठेर – कुलगाम
डॉ. मुजम्मिल ने ही फरीदाबाद में एक लॉज में कमरा किराए पर लिया था, जहां से 360 किलो विस्फोटक (संभवतः अमोनियम नाइट्रेट) और हथियार बरामद हुए।
J&K, हरियाणा से UP तक फैले थे तार
इस ऑपरेशन के तहत J&K पुलिस ने श्रीनगर, अनंतनाग, गांदरबल और शोपियां में कई स्थानों पर तलाशी ली। इसके साथ ही:
- फरीदाबाद (हरियाणा): हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर तलाशी अभियान चलाया गया।
- सहारनपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ भी मिलकर तलाशी ली गई।
क्या-क्या हुआ बरामद? हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा
इस पूरे ऑपरेशन में अब तक आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और हथियारों व विस्फोटकों का एक विशाल जखीरा बरामद किया गया है:
- पिस्टल: एक चीनी स्टार पिस्टल और एक बेरेटा पिस्टल (गोला-बारूद के साथ)।
- राइफल: एक AK-56 राइफल और एक AK क्रिंकोव राइफल (गोला-बारूद के साथ)।
- 2900 किलो IED सामग्री: इसमें विस्फोटक, रसायन, डेटोनेटर, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरी, तार, रिमोट कंट्रोल और टाइमर शामिल हैं।
पुलिस अब इस नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है और इससे जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है। J&K पुलिस का यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ उनकी लड़ाई में एक बड़ी और महत्वपूर्ण जीत है।







