साउथ फिल्म इंडस्ट्री, खासकर तमिल सिनेमा से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। सुपरस्टार धनुष (Dhanush) की पहली फिल्म ‘थुल्लुवधो इलमई’ (Thulluvadho Ilamai) से मशहूर हुए अभिनेता अभिनय (Abhinay) का मात्र 44 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। सोमवार, 10 नवंबर की सुबह 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से लिवर की गंभीर बीमारी (Liver Disease) से जूझ रहे थे और अपना इलाज करा रहे थे।
सबसे दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि अभिनय के निधन के बाद उनका कोई परिवार या रिश्तेदार अंतिम संस्कार करने के लिए भी मौजूद नहीं था, और यहां तक कि उनके पार्थिव शरीर को उनके किराए के घर में रखने को लेकर भी मकान मालिक ने विवाद खड़ा कर दिया था।
पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप, तब घर में रखा जा सका शव
अभिनेता अभिनय के निधन के बाद उनकी टीम ने एक प्रेस नोट जारी कर यह दर्दनाक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभिनय अपने अंतिम समय में बिल्कुल अकेले थे और उनका कोई परिवार या रिश्तेदार नहीं है। इसलिए, उन्होंने नडिगर संगम (Nadigar Sangam – साउथ इंडियन आर्टिस्ट एसोसिएशन) और अन्य संघों से आगे आकर उनका अंतिम संस्कार करने का अनुरोध किया है।
- क्या था विवाद?
अभिनय अपने निधन के समय कोडंबक्कम के रंगराजपुरम में एक किराए के घर में रहते थे। उनकी टीम के अनुसार, निधन के बाद जब उनके शव को घर पर रखने की बात आई, तो मकान मालिक ने शुरुआत में इसका विरोध किया और शव को घर में रखने से मना कर दिया। - कैसे सुलझा मामला?
इसके बाद, मीडिया, पुलिस, तमिलनाडु हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष पूची मुरुगन, और अभिनेता विजय मुथु के हस्तक्षेप के बाद, उनके पार्थिव शरीर को उसी किराए के घर में रखने की व्यवस्था की जा सकी, ताकि लोग उन्हें अपनी अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें।
कौन थे अभिनय किंजर?
अभिनय किंजर एक ऐसे अभिनेता थे जिन्होंने 2000 के दशक की शुरुआत में तमिल और मलयालम फिल्मों में काम किया था।
- डेब्यू फिल्म: उन्होंने 2002 में धनुष और शेरिन के साथ कस्तूरी राजा की फिल्म ‘थुल्लुवधो इलमई’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। यह फिल्म उस साल की बड़ी हिट्स में से एक थी और इसी फिल्म से धनुष ने भी अपना डेब्यू किया था।
- लीड रोल: फिल्म की सफलता के बाद, उन्हें ‘जंक्शन’ (2002), ‘सिंगारा चेन्नई’ (2004) और ‘पोन मेघलई’ (2005) जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं मिलीं।
- सपोर्टिंग रोल और डबिंग: 2000 के दशक के अंत में, वह सपोर्टिंग रोल्स करने लगे। उन्हें अभिनेता विद्युत जामवाल के लिए तमिल फिल्मों ‘थुप्पक्की’ (2012) और ‘अनजान’ (2014) में डबिंग करने के लिए भी जाना जाता था।
मां की मौत के बाद बिगड़ गए थे आर्थिक हालात
2019 में उनकी मां, टीपी राधामणि, की मृत्यु के बाद उनकी वित्तीय स्थिति काफी बिगड़ गई थी। अपने अंतिम दिनों में, वह लिवर की बीमारी से तो जूझ ही रहे थे, साथ ही उन्हें गंभीर आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने अपने इलाज के लिए आर्थिक मदद की भी गुहार लगाई थी।
एक प्रतिभाशाली कलाकार का इस तरह अकेला और गुमनामी में दुनिया से चले जाना पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के लिए एक गहरा सदमा है।







