Hoarse Voice: सर्दी-जुकाम के बाद क्यों बैठ जाता है गला, डॉक्टर ने बताई चौंकाने वाली वजह, पीछे छिपा है गहरा साइंटिफिक कारण
मौसम बदलते ही या कुछ ठंडा-गर्म खाने के बाद, सर्दी-जुकाम होना एक आम बात है। लेकिन अक्सर आपने यह महसूस किया होगा कि सर्दी-जुकाम होते ही हमारी आवाज भारी (Hoarse Voice) हो जाती है, गला बैठ जाता है, और कई बार तो बोलने में इतनी तकलीफ होती है कि आवाज ही नहीं निकलती। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है?
अक्सर हम इसके लिए ठंडी चीजों को दोष देते हैं, लेकिन दिल्ली के जनरल फिजिशियन, डॉक्टर सुरेंद्र कुमार के अनुसार, इसके पीछे एक गहरा वैज्ञानिक कारण (Scientific Reason) छिपा है, जिसे जानना हर किसी के लिए बहुत जरूरी है।
क्या है आवाज बैठने के पीछे का विज्ञान?
डॉक्टर कुमार के अनुसार, जब हम सोचते हैं कि ठंडी चीज खाने से गला बैठ गया है, तो हम सिर्फ आधे सच को जानते हैं। असली कारण हमारे ‘वॉइस बॉक्स’ (Voice Box) या ‘स्वरयंत्र’ (Larynx) में होने वाले बदलावों में छिपा है।
- कैसे बनती है आवाज? हमारे गले में स्वरयंत्र के अंदर दो वोकल कॉर्ड्स (Vocal Cords) होते हैं। जब हम बोलते हैं, तो फेफड़ों से निकलने वाली हवा इन कॉर्ड्स में कंपन (vibration) पैदा करती है, और इसी कंपन से आवाज उत्पन्न होती है।
सर्दी-खांसी के दौरान वोकल कॉर्ड्स में क्या होता है?
- सूजन है असली विलेन:
जब हमें सर्दी-जुकाम या कोई वायरल इन्फेक्शन होता है, तो वायरस हमारे नाक, गले और श्वसन नली पर हमला करते हैं। इन वायरस से लड़ने के लिए, हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम गले और वोकल कॉर्ड्स के आसपास की झिल्ली में सूजन (Inflammation) पैदा कर देता है।- कंपन में बाधा: इस सूजन के कारण, हमारे वोकल कॉर्ड्स सख्त हो जाते हैं और ठीक से कंपन नहीं कर पाते। इसी कारण हमारी आवाज भारी हो जाती है या पूरी तरह से बैठ जाती है। यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे लैरिंजाइटिस (Laryngitis) कहा जाता है।
- लगातार खांसी से भी होता है नुकसान:
सर्दी के साथ होने वाली लगातार और सूखी खांसी हमारे वोकल कॉर्ड्स के लिए और भी खतरनाक होती है।- जोर का झटका: हर बार खांसने पर, हमारे गले से बहुत तेजी से हवा बाहर निकलती है, जो वोकल कॉर्ड्स पर सीधा और जोर का प्रहार करती है। लगातार ऐसा होने से उनमें जलन और सूजन और भी बढ़ जाती है।
क्या मौसम और ठंडी चीजें भी हैं जिम्मेदार?
हां, बिल्कुल!
- सूखी हवा: जब तापमान गिरता है, तो हवा में नमी कम हो जाती है। यह सूखी हवा हमारे गले की प्राकृतिक नमी को सोख लेती है, जिससे गला सूख जाता है।
- ठंडी चीजों का असर: जब हम कोई ठंडी चीज खाते-पीते हैं या ठंडी हवा में सांस लेते हैं, तो हमारे गले की रक्त वाहिकाएं और झिल्ली सिकुड़ जाती है। इससे वहां ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है, और हमारा गला इन्फेक्शन के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है।
- पानी की कमी: सर्दियों में लोग अक्सर कम पानी पीते हैं, जिससे शरीर और गला, दोनों ही डिहाइड्रेट (Dehydrate) हो जाते हैं। सूखे वोकल कॉर्ड्स आसानी से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और आवाज बैठ जाती है।
क्या करें और क्या न करें?
- क्या करें:
- दिन भर गुनगुना पानी पिएं।
- नमक वाले पानी से गरारे करें।
- अदरक, तुलसी और शहद की चाय पिएं।
- दिन में कम से कम दो बार स्टीम (भाप) लें।
- कम बोलें और अपने गले को आराम दें। फुसफुसाने से भी बचें, क्योंकि इससे भी वोकल कॉर्ड्स पर दबाव पड़ता है।
- क्या न करें:
- आइसक्रीम, ठंडा पानी और अन्य ठंडे पेय पदार्थों से बचें।
- धूम्रपान और शराब का सेवन बिल्कुल न करें।
- धूल, धुएं और तेज परफ्यूम से दूरी बनाएं।
तो अगली बार जब सर्दी में आपका गला बैठे, तो सिर्फ ठंडी चीजों को दोष देने के बजाय, इसके पीछे के विज्ञान को समझें और अपने गले को सही आराम और देखभाल दें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। यदि आपकी समस्या गंभीर है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।







